सावन मास के अवसर पर रीवा में भव्य कांवड़ यात्रा निकाली गई, जो बाबा घाट से प्रारंभ होकर पचमठ धाम में जलाभिषेक के साथ संपन्न हुई। यात्रा में उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल सहित हजारों भक्त शामिल हुए। शहर में जगह-जगह स्वागत और भंडारे का आयोजन किया गया। शिव-पार्वती की झांकियाँ, डीजे धमाल और आतिशबाज़ी ने यात्रा को दिव्य स्वरूप दिया।
जानें कांवड़ यात्रा का महत्व, इसकी उत्पत्ति, यात्रा का स्वरूप और यह कैसे त्याग व तपस्या का प्रतीक है। लाखों शिव भक्त सावन में पवित्र नदियों से जल लेकर देवों के देव महादेव को चढ़ाने निकलते हैं।














